सर्दियों के दिन थे ा एक बालक सुबह के समय अकेला स्कूल जा रहा था ा रास्ते में एक स्टेशन था वह रेल की पटरी के नजदीक से गुजर रहा था की अचानक उसकी नजर रेल की पटरी पड़ी और देखा की पटरी उखड़ी है ा बालक ने घडी देखी ,गाड़ी आने का समय गया था उसने सोचा की अभी गाड़ी इस पर से निकलेगी तो बहुत भयंकर परिणाम होंगे और सोच ही रहा था की गाड़ी की सीटी उसे सुनाई दी ा बस बालक के सामने की विकल्प था की मुसाफिर की जान बचाना और ईंजन को देखते ही बालक पटरियों के बीच खड़ा हो गया और कमीज कको हिलाने लगा ड्राइवर की नजर बालक
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प्रवेश प्राम्भ ३माह ,६माह ,१२ माह
सेमेस्टर फीस ८५०० एग्जाम फीस ५०० लागु आज से रिया कंप्यूटर शहजादपुर अकबरपुर
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