- पास्कलीन मशीन के जन्म दाता कौन है ?
फ्रांस के गणितज्ञ बॅलेज पास्कल १६४२ ईसवी में तीब्रगति से गणना करने वाली मशीन का निर्माण किया और इस का नाम अपने नाम पर पास्कलीन रखा इस लिए ये पास्कल जन्मदाता कहलाये पास्कल के पिता एक कर अधिकारी थे और वे दिन रात ऑफिस के काम में व्यस्त रहते थे इस वजह वे रीढ़ की हड्डी के दर्द से पीड़ित रहने लगे तो पास्कल उनके काम के बोझ को कम करे के लिए इस मशीन का निर्माण किया ा
पास्कल मशीन कितने व्यक्तियो के बराबर थी ?
पास्कल मशीन ६ व्यक्तियो के बराबर थी इस मशीन गियर और चक्को पर आधारित थी इसमें चक्का विजली की
मीटर में लगे चक्को की तर्ज पर बटे थे
पास्कल मशीन में गणना कैसे होती थी आइए जानते है ?
इस पास्कल मशीन में एक चक्का जब दस बार घूमता था तो दूसरा चक्का अर्थात इकाई के चक्के के दस बार घूमने पर दहाई का चक्का एक बार घूमता था और दहाई के चक्का जब दस बार घूमता था तो सैकड़ा वाला चक्का एक बार घूमता था और इस प्रकार लाखो और करोडो की गणना की जाती थी
आधुनिक कंप्यूटर का निर्माण कब हुआ आइए जाते है
सन १९४४ ई ० में आधुनिक कम्प्यूटर का निर्माण किया गया इसका नाम मार्क -१ था इसमें केवल ७२ शब्द लोड कर सकते थे