रजिया को गद्दी
इल्तुमिश ने कुतुबमीनार का निर्माण कराया इल्तुमिश के सभी पुत्र आयोग थे इसलिए वह अपनी पुत्री रजिया को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया लकिन रजिया से पहले फिरोजशाह गद्दी पर बैठा जिसका वध क्र दिया गया और रजिया गद्दी पर बैठी रजिया पहली महिला थी जो कोट और टोपी पहन कर राज दरबार में बैठती थी
अलतूनिया का विद्रोह
रजिया ने अबीसीनिया के निवासी गुलाम मलिक जलाल उद्दीन याकूत पर अधिक विश्वास और महत्व देती थी और उसे मीर -ए -आखूर नियुक्त किया तो तुर्की के सरदार नाराज होकर आरिनडा के सूबेदार अल्तुनिया ने विरोध कर दिया और रजिया को बंदी बना लिया परन्तु बाद में रजिया ने उससे विवाह क्र लिया
दिल्ली वापस आते समय बहरम शाह ने उसकी हत्या क़र दी और खुद सुल्तान बन गया और बहराम के बाद अलाउद्दीन मसूद गद्दी पर बैठा इसके बाद इल्तुमिश का पौत्र नासिर उद्दीन महमूद गद्दी पर बैठा जिसे हरा कर ग्यासु उद्दीन बलबन गद्दी पर बैठा बलबन को नासिर ने उलुंग खान की उपाधि दी
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें