अलाउद्दीन खिल जी के काल में सैनिक का हुलिया लिखा जाने लगा और इसी समय घोड़ो को दागने की प्रथा सुरु की गई वूल्जले हैग ने लिखा की अब सल्तनत काल की शुरुआत हुई है अलाउद्दीन खिलजी को उसके विशेष गुणों के कारण सिकंदर -ए -सानी भी कहा जाता था खिल जी ने ब्यवस्थित बाजार प्रणाली अपनाई तथा कम तौलने और मिलावट खोरो के खिलाफ कठोर दण्ड देना शुरू किया खिल जी अमीरो के आपस में वैवाहिक संबधो पर रोक लगा दी इसने बाजार प्रथा लागू किया जिसमे गुलाम ,पशु ,वास्तु ,खाद्य बाजार शामिल था अमीर खुसरो इसके दरबारी थे और अमीर खुसरो ने तबले का अविष्कार किया और खुसरो को ही तोता -ए हिन्द भी कहा जाता था
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प्रवेश प्राम्भ ३माह ,६माह ,१२ माह
सेमेस्टर फीस ८५०० एग्जाम फीस ५०० लागु आज से रिया कंप्यूटर शहजादपुर अकबरपुर
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